
Amit Shah Punjab: केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने आज शनिवार को पंजाब की राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। जिसमें उन्होंने साफ कहा है कि Bharatiya Janata Party (BJP) 2027 का पंजाब विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी और अब राज्य में ‘छोटा भाई’ बनकर राजनीति करने का दौर खत्म हो चुका है। बता दें कि यह बयान Shiromani Akali Dal (SAD) के साथ संभावित गठबंधन की अटकलों के बीच आया है।
पंजाब में BJP की नई रणनीति
पंजाब के मोगा जिले में आयोजित ‘बदलाव रैली’ को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि अब पार्टी राज्य में अपनी ताकत पर सरकार बनाने के लिए मैदान में उतरेगी। साथ ही,उन्होंने कहा कि पहले BJP अकाली दल के साथ गठबंधन में जूनियर पार्टनर के रूप में चुनाव लड़ती थी, लेकिन अब पार्टी पंजाब में स्वतंत्र रूप से अपनी सरकार बनाने का अभियान शुरू कर चुकी है। जिसमें शाह ने कहना है कि पंजाब की जनता ने अब तक कांग्रेस, अकाली दल और आम आदमी पार्टी को मौका दिया है, लेकिन राज्य की समस्याएं अभी भी जस की तस हैं। इसलिए अब लोगों को BJP को भी एक मौका देना चाहिए।
SAD के साथ गठबंधन पर विराम
दरअसल,पिछले कुछ समय से यह चर्चा चल रही थी कि BJP और Shiromani Akali Dal फिर से एक साथ आ सकते हैं। लेकिन अमित शाह के इस बयान के बाद साफ हो गया कि फिलहाल ऐसी कोई संभावना नहीं है। जिसमें करीब दो दशकों तक पंजाब में दोनों पार्टियां मिलकर चुनाव लड़ती रही थीं। इस गठबंधन में आम तौर पर 117 सीटों वाली विधानसभा में BJP लगभग 23 सीटों पर चुनाव लड़ती थी और बाकी सीटें अकाली दल के हिस्से में जाती थीं। हालांकि, 2020 में कृषि कानूनों को लेकर दोनों दलों का गठबंधन टूट गया था। उसके बाद से दोनों पार्टियां अलग-अलग चुनाव लड़ रही हैं।
‘19 प्रतिशत वोट शेयर’ को बताया मजबूत आधार
अमित शाह ने 2024 के लोकसभा चुनावों में BJP के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी भले ही सीट नहीं जीत पाई, लेकिन उसे लगभग 19 % वोट मिले हैं। साथ ही, कई राज्यों में BJP ने इसी तरह के वोट शेयर से शुरुआत की और बाद में सरकार बनाने तक पहुंच गई। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि Assam, Haryana, Uttarakhand और Manipur जैसे राज्यों में भी पार्टी ने धीरे-धीरे अपनी ताकत बढ़ाकर सत्ता हासिल की है। जिसके बाद शाह ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है, बल्कि पूरे जोश के साथ 2027 के चुनाव की तैयारी करनी चाहिए।
धर्मांतरण विरोधी बिल का वादा
बता दें कि रैली के दौरान अमित शाह ने एक बड़ा चुनावी वादा भी किया। जिसमें उन्होंने कहा कि अगर 2027 में पंजाब में BJP की सरकार बनती है तो सत्ता संभालने के एक महीने के भीतर धर्मांतरण विरोधी बिल लाया जाएगा। जिसमें सिख गुरुओं ने जबरन धर्मांतरण के खिलाफ अपने प्राणों की आहुति दी थी, इसलिए ऐसी गतिविधियों को रोकना सरकार की जिम्मेदारी है। साथ ही,उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी वोट बैंक की राजनीति के कारण इस मुद्दे पर सख्त कदम नहीं उठाती हैं।
भगवंत मान सरकार पर तीखा हमला
अमित शाह ने पंजाब की मौजूदा सरकार और मुख्यमंत्री Bhagwant Mann पर भी तीखा हमला बोला है। जिसमें उन्होंने कहा कि राज्य की सरकार लोगों की समस्याओं को हल करने के बजाय केवल राजनीतिक प्रचार में लगी हुई है। साथ ही,मुख्यमंत्री केवल Arvind Kejriwal के आदेश पर काम करते हैं और पंजाब का सरकारी विमान भी अक्सर उनके राजनीतिक दौरों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। वहीं,पंजाब सरकार राज्य के विकास पर ध्यान देने के बजाय अपनी पार्टी के राष्ट्रीय विस्तार में ज्यादा रुचि ले रही है।
‘पंजाब को ATM बना दिया गया’
अमित शाह ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी ने पंजाब को अपनी राजनीतिक गतिविधियों के लिए “ATM” बना दिया है। जिसमें राज्य के संसाधनों का इस्तेमाल अन्य राज्यों में पार्टी को मजबूत करने के लिए किया जा रहा है। वहीं,पंजाब के लोगों के साथ अन्याय है और जनता को इस पर विचार करना चाहिए।
नशे की समस्या पर सख्त रुख
पंजाब लंबे समय से नशे की समस्या से जूझ रहा है। अमित शाह ने इस मुद्दे पर भी कड़ा रुख दिखाते हुए कहा कि अगर BJP की सरकार बनती है तो दो साल के भीतर राज्य से नशे के कारोबार को खत्म करने का लक्ष्य रखा जाएगा।जिसके लिए उन्होंने कहा कि देश में हेरोइन की तस्करी का बड़ा हिस्सा पंजाब से जुड़ा हुआ है। इसलिए इस समस्या से निपटने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे। जिसके बाद शाह ने दावा किया कि जिस तरह केंद्र सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की और Revocation of Article 370 जैसे बड़े फैसले लिए, उसी तरह पंजाब में भी नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी।
2022 चुनाव में BJP का प्रदर्शन
2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में BJP ने अकेले चुनाव लड़ा था। उस चुनाव में पार्टी ने करीब 73 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन केवल दो सीटें ही जीत पाई थी। दरअसल,उस चुनाव में Aam Aadmi Party (AAP) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 92 सीटों पर जीत दर्ज की और राज्य में सरकार बनाई। हालांकि, BJP का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े नेता कांग्रेस और अकाली दल छोड़कर पार्टी में शामिल हुए हैं, जिससे संगठन मजबूत हुआ है।
मालवा क्षेत्र से चुनावी अभियान की शुरुआत
अमित शाह ने पंजाब के मालवा क्षेत्र से अपने चुनावी अभियान की शुरुआत की है। बता दें कि मालवा क्षेत्र को राज्य की राजनीति में बेहद अहम माना जाता है क्योंकि यहां विधानसभा की सबसे ज्यादा सीटें हैं। जिसके बाद राजनीतिक एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर BJP इस क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करती है तो 2027 के चुनाव में उसकी स्थिति काफी मजबूत हो सकती है।
पंजाब की राजनीति में नया मोड़
जानकारी के लिए बता दें कि अमित शाह के इस ऐलान के बाद पंजाब की राजनीति में एक नया मोड़ आ गया है। जिसमें अब साफ हो गया है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में BJP अकेले मैदान में उतरेगी और राज्य में अपनी सरकार बनाने की कोशिश करेगी। साथ ही,अब आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और अकाली दल के बीच मुकाबले में BJP किस तरह अपनी जगह मजबूत करती है।
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