
Free LPG Cylinder: होली से पहले देश के लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत भरी खबर आई है। बता दें कि केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से मुफ्त LPG सिलेंडर देने की घोषणा जारी की गई है, जिससे खास तौर पर गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहारा मिलेगा। साथ ही, यह लाभ मुख्य रूप से प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से जुड़े लाभार्थियों और राशन कार्ड धारकों को दिया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, त्योहारों के दौरान बढ़ते खर्च को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि महिलाओं को रसोई गैस के खर्च से राहत मिल सके और स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा दिया जा सके। इस योजना का सबसे बड़ा फायदा ग्रामीण और कम आय वर्ग के परिवारों को मिलेगा, जो महंगे LPG सिलेंडर की वजह से कई बार गैस रिफिल नहीं करा पाते।
उत्तर प्रदेश में मुफ्त गैस सिलेंडर का लाभ
उत्तर प्रदेश में होली के अवसर पर महिलाओं को मुफ्त एलपीजी रिफिल देने की घोषणा की गई है। राज्य सरकार के अनुसार प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से जुड़ी लगभग 1.86 करोड़ महिला लाभार्थियों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार हर साल दो चरणों में मुफ्त गैस सिलेंडर उपलब्ध कराती है। जिसमें पहला चरण दिवाली के समय अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच पूरा किया गया था, जबकि दूसरा चरण जनवरी से मार्च 2026 के बीच लागू किया जा रहा है। पिछले वर्ष इस योजना के लिए करीब 1500 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया था। सरकार का मानना है कि इससे गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होगा और त्योहार खुशी से मनाया जा सकेगा।
दिल्ली में भी मुफ्त सिलेंडर की घोषणा
दिल्ली सरकार ने भी होली और दिवाली पर मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने का ऐलान किया है। जिसमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का कहना है कि वैध राशन कार्ड धारक परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिए गैस सिलेंडर की राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी।
जिसमें दिल्ली कैबिनेट ने एक सिलेंडर के लिए 853 रुपये की वित्तीय सहायता देने का फैसला लिया है। यह लाभ एलपीजी के साथ-साथ पाइप नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन इस्तेमाल करने वाले पात्र परिवारों को भी मिलेगा। इस योजना के लिए सरकार ने लगभग 242 करोड़ रुपये का बजट तय किया है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को प्रति सिलेंडर 553 रुपये की सहायता दी जाएगी, क्योंकि इसमें केंद्र सरकार की 300 रुपये की सब्सिडी पहले से शामिल होती है। वहीं जो परिवार उज्ज्वला योजना के अंतर्गत नहीं आते, उन्हें पूरे 853 रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी।
उज्ज्वला योजना क्या है
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत मई 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई थी। इस योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों की महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन देकर धुएं से होने वाली बीमारियों से बचाना और स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देना है।
अगस्त 2021 में उज्ज्वला 2.0 की शुरुआत की गई, जिसके तहत 1 करोड़ अतिरिक्त कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया था। जनवरी 2022 तक यह लक्ष्य हासिल कर लिया गया। इसके बाद 60 लाख और कनेक्शन जारी किए गए, जिससे दिसंबर 2022 तक कुल 1.60 करोड़ अतिरिक्त कनेक्शन वितरित हो गए।
सरकार ने हर साल 2023-24 से 2025-26 के बीच 75 लाख और नए कनेक्शन देने की मंजूरी दी थी, जिसे जुलाई 2024 तक पूरा कर लिया गया। उज्ज्वला 2.0 में प्रवासी परिवारों के लिए विशेष सुविधा भी दी गई, जिसके तहत वे बिना स्थायी पते और राशन कार्ड के स्व-घोषणा के आधार पर नया गैस कनेक्शन प्राप्त कर सकते हैं।
योजना का सामाजिक प्रभाव
जानकारी के मुताबिक, मुफ्त एलपीजी सिलेंडर योजना का सबसे बड़ा असर महिलाओं के स्वास्थ्य और परिवार की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। लकड़ी या कोयले के धुएं से होने वाली बीमारियों में कमी आती है और खाना बनाने में समय भी कम लगता है। इसके साथ ही बच्चों और बुजुर्गों को भी स्वच्छ वातावरण मिलता है। वहीं, त्योहारों के समय यह राहत और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि इस दौरान घरों में खाना बनाने और मेहमानों के स्वागत की वजह से गैस की खपत बढ़ जाती है। ऐसे में मुफ्त सिलेंडर गरीब परिवारों के लिए बड़ा सहारा साबित होता है।
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