
Raja Saab OTT Release Date: प्रभास की चर्चित हॉरर-कॉमेडी फिल्म ‘राजा साहब’ अब सिनेमाघरों के बाद ओटीटी पर दस्तक देने के लिए तैयार है. करीब चार हफ्तों तक थिएटर में चलने के बाद मेकर्स ने इसकी डिजिटल रिलीज डेट का आधिकारिक ऐलान कर दिया है. फिल्म के स्ट्रीमिंग राइट्स जियोहॉटस्टार ने हासिल कर लिए हैं और प्लेटफॉर्म ने पुष्टि की है कि ‘राजा साहब’ 6 फरवरी 2026 को ओटीटी पर प्रीमियर होगी.
यह रिलीज इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यह एक जल्दी डिजिटल रिलीज (Early OTT Release) मानी जा रही है. फिल्म 9 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी, लेकिन कुछ हफ्तों बाद बॉक्स ऑफिस कलेक्शन में गिरावट देखने को मिली.ऐसे में मेकर्स ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जल्दी लाने का फैसला किया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा दर्शक इसे घर बैठे देख सकें.
आमतौर पर बड़ी फिल्मों को थिएटर में 6 से 8 हफ्तों तक चलने के बाद ओटीटी पर रिलीज किया जाता है. लेकिन ‘राजा साहब’ को करीब चार हफ्ते में ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जा रहा है.इसके पीछे कुछ वजहें बताई जा रही हैं:
- पहले हफ्ते में फिल्म की कमाई अच्छी रही
- इसके बाद बॉक्स ऑफिस पर ग्राफ तेजी से गिरा
- दर्शकों की राय मिली-जुली रही
- ओटीटी पर रिलीज से फिल्म को दूसरी जिंदगी (Second Life) मिलने की उम्मीद
मेकर्स को भरोसा है कि हॉरर-कॉमेडी और फैंटेसी का अनोखा कॉम्बिनेशन ओटीटी दर्शकों को पसंद आ सकता है, खासकर उन लोगों को जो सिनेमाघरों में फिल्म नहीं देख पाए.
Raja Saab OTT Release Date और Platform
- OTT प्लेटफॉर्म: Jio Hotstar
- डिजिटल प्रीमियर डेट: 6 फरवरी 2026
- थिएटर रिलीज: 9 जनवरी 2026
जियोहॉटस्टार ने अपने आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर इसकी पुष्टि कर दी है. दर्शक 6 फरवरी से इसे घर बैठे स्ट्रीम कर सकेंगे.
हिंदी दर्शकों के लिए “बड़ी निराशा” क्यों?
हालांकि ‘राजा साहब’ को अखिल भारतीय स्तर पर रिलीज किया गया था, लेकिन ओटीटी रिलीज को लेकर हिंदी दर्शकों के लिए एक झटका है. जियोहॉटस्टार पर फिल्म को फिलहाल तेलुगु, तमिल, मलयालम और कन्नड़ भाषाओं में स्ट्रीम किया जाएगा. इसमें हिंदी वर्जन का नाम शुरुआती लिस्ट में शामिल नहीं है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिंदी डिजिटल राइट्स को लेकर अलग समझौता या कूलिंग-ऑफ पीरियड हो सकता है. इसी वजह से उत्तर भारत के प्रशंसकों को फिलहाल आधिकारिक अपडेट का इंतजार करना पड़ सकता है.
हालांकि, ये खबर सुनते हे सोशल मीडिया पर कई हिंदी दर्शकों ने इस फैसले पर नाराज़गी जताई है और मांग की है कि फिल्म का हिंदी वर्जन भी जल्द ओटीटी पर उपलब्ध कराया जाए.
‘राजा साहब’ की कहानी क्या है?
मारुति द्वारा निर्देशित इस फिल्म में प्रभास मुख्य भूमिका में हैं. वह फिल्म में राजू नाम के किरदार में नजर आते हैं, जो एक रहस्यमयी और प्रेतवाधित शाही हवेली से जुड़े गहरे अलौकिक रहस्यों को उजागर करता है.फिल्म की कहानी में एक डरावनी शाही हवेली, परिवार से जुड़ा रहस्य, दादा का किरदार (जिसे संजय दत्त ने निभाया है), हॉरर और हल्की-फुल्की कॉमेडी का मेल है.यह सब मिलकर कुछ नया और अलग तरह का फिल्म देखने का अनुभव देने की कोशिश करते हैं.
एक्टिंग और परफॉर्मेंस पर क्या रही प्रतिक्रिया?
प्रभास के फैंस ने उनके अलग अवतार की तारीफ की, वहीं संजय दत्त के किरदार को भी पसंद किया गया. हालांकि, कई दर्शकों को लगा कि कहानी और स्क्रीनप्ले और बेहतर हो सकता था. क्रिटिक्स की राय भी मिली-जुली रही. आईएमडीबी पर फिल्म की रेटिंग 3.8/10 बताई जा रही है, जो दर्शाती है कि हर किसी को यह फिल्म पसंद नहीं आई.
बॉक्स ऑफिस पर कैसा रहा प्रदर्शन?
मिली-जुली समीक्षाओं के बावजूद फिल्म ने ओपनिंग वीक में अच्छी कमाई की. पहले हफ्ते में वैश्विक स्तर पर ₹238 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन की. इसके बाद कमाई में गिरावट हुई. वहीं, दूसरे और तीसरे हफ्ते में थिएटरों में दर्शकों की संख्या कम होती गई. इसी वजह से मेकर्स ने जल्दी ओटीटी रिलीज का फैसला किया, ताकि फिल्म को डिजिटल दर्शकों से नया रिस्पॉन्स मिल सके.
ओटीटी पर फिल्म से क्या उम्मीद?
ओटीटी दर्शकों की पसंद थिएटर दर्शकों से थोड़ी अलग होती है. घर पर आराम से देखने वाले दर्शक हॉरर-कॉमेडी और फैंटेसी जॉनर को ज्यादा एन्जॉय कर सकते हैं. वहीं, मेकर्स को उम्मीद है कि ओटीटी पर फिल्म को नया ऑडियंस मिलेगा. जो लोग थिएटर में मिस कर गए थे, वे अब इसे देख पाएंगे और वर्ड-ऑफ-माउथ से फिल्म की लोकप्रियता बढ़ सकती है.
विदेशों में ओटीटी पर रिस्पॉन्स कैसा रह सकता है?
ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने से फिल्म सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में बसे भारतीय दर्शकों तक भी आसानी से पहुंच पाएगी. खासतौर पर तेलुगु और तमिल भाषी दर्शकों के बीच फिल्म को नया ऑडियंस मिलने की उम्मीद है. इससे इंटरनेशनल व्यूअरशिप और चर्चा बढ़ सकती है.
क्या ‘राजा साहब’ ओटीटी पर हिट हो पाएगी?
यह सवाल अभी खुला हुआ है.हालांकि थिएटर में फिल्म को मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली, लेकिन कई बार ओटीटी पर फिल्में दूसरी जिंदगी पा लेती हैं. अगर दर्शकों को कहानी और हॉरर-कॉमेडी का मेल पसंद आया, तो डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इसका प्रदर्शन बेहतर हो सकता है.






