
Earthquake: म्यांमार में आज यानी, मंगलवार 3 फरवरी, 2026 को तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए। यह भूकंप इतना तेज था कि रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.9 मापी गई है। दरअसल, पिछले 71 घंटों में यह तीसरा भूकंप था, जिससे लोगों में डर और चिंता का माहौल बना हुआ है। बताया जा रहा है कि भूकंप का असर सिर्फ म्यांमार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भारत के कोलकाता और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों के साथ-साथ बांग्लादेश के कुछ इलाकों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए है।
यूरोपियन-मेडिटेरेनियन सिस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र म्यांमार के अकयाब (सित्तवे) शहर से लगभग 70 मील पूरब में स्थित था। वहीं, जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) का कहना है कि भूकंप का केंद्र (Epicenter of Earthquake) जमीन के करीब 10 किलोमीटर की गहराई पर था। भूकंप आमतौर पर जब कम गहराई पर आते हैं, तो यह ज्यादा झटके महसूस कराते हैं, इसी वजह से दूर-दराज के इलाकों तक इसका असर देखा पड़ता है।
कोलकाता और बंगाल में महसूस हुए झटके
आज भूकंप (Earthquake) के झटके कोलकाता में भी महसूस किए गए। कई इलाकों में लोगों ने अचानक कंपन महसूस किया, जिसके बाद कुछ देर के लिए दहशत का माहौल (Atmosphere of Panic) बन गया। कई लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। पश्चिम बंगाल (west Bengal) के कुछ अन्य जिलों में भी हल्के से मध्यम झटकों की खबरें सामने आई हैं। हालांकि, राहत की बात यह रही कि अब तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है।
बांग्लादेश में भी असर
म्यांमार के साथ सटे बांग्लादेश के कुछ हिस्सों में भी भूकंप के झटके (Tremors of Earthquake) महसूस किए गए। वहां भी लोगों ने धरती हिलने की बात कही। स्थानीय प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है, लेकिन फिलहाल किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है।
71 घंटे में तीसरा भूकंप (3rd earthquake in 71 hours)
खबरों के अनुसार, पिछले 71 घंटों में म्यांमार में यह तीसरा भूकंप (Earthquake) बताया जा रहा है। इससे पहले भी दो बार अलग-अलग तीव्रता के भूकंप दर्ज (Recorded Earthquake) किए गए थे। लगातार आ रहे भूकंपों ने वैज्ञानिकों और प्रशासन दोनों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल किसी बड़े भूकंप की स्पष्ट चेतावनी नहीं दी जा सकती, लेकिन सतर्कता बेहद जरूरी है।
भूकंप संभावित क्षेत्र म्यांमार (Earthquake Prone Areas Myanmar)
म्यांमार इलाका इंडो-बर्मा प्लेट सीमा (Indo-Burma Plate boundary) के पास स्थित है, जहां टेक्टोनिक प्लेटों (Tectonic Plates) की गतिविधियां अक्सर भूकंप को जन्म देती हैं। इसी वजह से यहां समय-समय पर हल्के से मध्यम तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं। कई बार इनका असर आसपास के देशों तक भी पहुंच जाता है।
जानें विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
भूकंप विशेषज्ञों के अनुसार, 5.9 तीव्रता का भूकंप मध्यम श्रेणी (Earthquake Moderate Category) में आता है। अगर यह गहराई में होता तो शायद असर कम महसूस होता, लेकिन चूंकि इसका केंद्र सिर्फ 10 किलोमीटर की गहराई पर था, इसलिए झटके ज्यादा दूर तक महसूस किए गए। विशेषज्ञों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सरकारी एजेंसियों (Government Agencies) की ओर से जारी सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
फिलहाल कोई नुकसान नहीं
अधिकारियों के अनुसार, अभी तक किसी बड़े नुकसान या हताहत की कोई सूचना नहीं मिली है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव कार्य के लिए टीमें तैयार रखी गई हैं। लोगों से कहा गया है कि वे शांत रहें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
सतर्क रहने की अपील
लगातार आ रहे भूकंपों को देखते हुए विशेषज्ञों ने म्यांमार और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। भूकंप के दौरान खुले स्थान पर जाने, मजबूत फर्नीचर के नीचे शरण लेने और अफवाहों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
म्यांमार में आए 5.9 तीव्रता के इस भूकंप ने एक बार फिर यह याद दिला दिया है कि भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रति हमेशा तैयार रहना जरूरी है। राहत की बात यही है कि फिलहाल किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन प्रशासन और आम लोगों दोनों को सतर्क रहने की जरूरत है।
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