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Orange Economy क्या है? बजट के बाद पीएम मोदी ने दिया ‘क्रिएटिव इकोनॉमी’ का मंत्र
Current image: Orange Economy क्या है?

Orange Economy: देश का आम बजट 2026 पेश हो चुका है। इसके बाद प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन ने एक नए शब्द को कहा है। ऑरेंज इकोनॉमी। साथ ही, पीएम मोदी ने बजट 2026 को युवा शक्ति बजट बताते हुए कहा है कि, भारत देश ऑरेंज इकोनॉमी की ओर बढ़ रहा है। अब ऐसे में लोगों के मन में काफी सवाल उठ रहें हैं कि, आखिर ऑरेंज इकोनॉमी होती क्या है और इसका देश की अर्थव्यवस्था से क्या संबध है।

बजट 2026 और पीएम मोदी का विजन

जानकारी के लिए बता दें कि, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपना नौवां बजट पेश किया है। बता दें कि, इस बजट में युवाओं, महिलाओं, किसानों, एमएसएमई, स्टार्टअप्स, हेल्थकेयर, इंफ्रास्ट्रक्चर और डिफेंस जैसे कई सेक्टर्स पर खास फोकस किया गया है। वहीं, इस बजट के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि यह बजट अवसरों का हाईवे है, जो भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में मजबूत आधार देगा। साथ ही, उनका यह भी कहना है कि, सरकार अब केवल पारंपरिक उद्योगों पर नहीं, बल्कि नए जमाने की क्रिएटिव और इनोवेटिव इकोनॉमी पर भी बड़ा दांव लगा रही है। इसलिए पीएम मोदी ने ऑरेंज इकोनॉमी का जिक्र किया।

जानें आखिर क्या है ऑरेंज इकोनॉमी

बता दें कि, ऑरेंज इकोनॉमी का मतलब है क्रिएटिव इकोनॉमी। दरअसल, यह ऐसी अर्थव्यवस्था होती है, जो रचनात्मकता, कला, संस्कृति, डिजाइन, मीडिया, एंटरटेनमेंट, डिजिटल कंटेंट, गेमिंग, फिल्म, म्यूजिक, फैशन, विज्ञापन और टेक्नोलॉजी जैसे सेक्टर्स पर आधारित होती है। अब सरल शब्दों में कहें तो जहां आइडिया, टैलेंट और टेक्नोलॉजी मिलकर वैल्यू और रोजगार पैदा करें, वही ऑरेंज इकोनॉमी है। इसमें फैक्ट्रियों और भारी मशीनों से ज्यादा महत्व दिमाग, हुनर और सोच को दिया जाता है।

क्यों जरूरी है ऑरेंज इकोनॉमी

आज का दौर डिजिटल और क्रिएटिव युग का है। जिसमें सोशल मीडिया, ओटीटी प्लेटफॉर्म, यूट्यूब, पॉडकास्ट, ऐप डेवलपमेंट, डिजाइनिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में तेजी से मौके बढ़ रहे हैं। ऑरेंज इकोनॉमी इन्हीं क्षेत्रों को संगठित कर आर्थिक विकास का मजबूत जरिया बनाती है।अब ऐसे में पीएम मोदी का कहना है कि, भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी है। यही युवा वर्ग ऑरेंज इकोनॉमी की सबसे बड़ी ताकत है। नए आइडियाज, स्टार्टअप कल्चर और डिजिटल स्किल्स के दम पर भारत इस सेक्टर में वैश्विक लीडर बन सकता है।

युवाओं और स्टार्टअप्स को मिलेगा फायदा

बजट 2026 में स्टार्टअप्स, एमएसएमई और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए कई प्रावधान किए गए हैं। इससे कंटेंट क्रिएटर्स, डिजाइनर्स, फिल्ममेकर्स, गेम डेवलपर्स और डिजिटल आर्टिस्ट्स को नए अवसर मिलेंगे। साथ ही, ऑरेंज इकोनॉमी में रोजगार के लिए बड़ी डिग्रियों से ज्यादा स्किल और क्रिएटिविटी मायने रखती है। यही वजह है कि यह इकोनॉमी युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत से जुड़ाव

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि, बजट 2026 मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई गति देगा। साथ ही, ऑरेंज इकोनॉमी इसी सोच का विस्तार है, जहां लोकल टैलेंट को ग्लोबल प्लेटफॉर्म मिलता है। जिसमें चाहे भारतीय फिल्में हों, म्यूजिक, योग, डिजाइन या डिजिटल प्रोडक्ट्स—इन सबकी वैश्विक मांग बढ़ रही है। ऑरेंज इकोनॉमी भारत की सांस्कृतिक ताकत को आर्थिक ताकत में बदलने का रास्ता दिखाती है।

2047 के विकसित भारत की ओर कदम

जानकारी के लिए बता दें कि, सरकार का लक्ष्य है कि 2047 तक भारत एक विकसित राष्ट्र बने। साथ ही, इसके लिए पारंपरिक खेती और उद्योग के साथ-साथ नई उम्र की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है। ऑरेंज इकोनॉमी इसी भविष्य की नींव रखती है।

ऐसे में पीएम मोदी का कहना है कि, यह बजट सिर्फ खर्च का दस्तावेज नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों और संभावनाओं का रोडमैप भी है। ऑरेंज इकोनॉमी उसी रोडमैप का अहम हिस्सा है।

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