
Sadhvi Prem Baisa: जोधपुर में कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत का मामला काफी चर्चा में है। जिसके बाद भक्त न्याय की मांग कर रहे हैं। आइए जानते हैं यहां पूरा मामला।
Sadhvi Prem Baisa: राजस्थान के जोधपुर से एक चौंकाने वाली खबर आई है। जहां प्रसिद्ध कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनकी अचानक मृत्यु से धार्मिक जगत और उनके अनुयायियों में शोक की लहर है। मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि कुछ महीने पहले उनसे जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसको लेकर विवाद खड़ा हो गया था। अब उनकी मौत के बाद उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से आया एक पोस्ट इस पूरे मामले को और रहस्यमयी बना रहा है।
अस्पताल में किया गया मृत घोषित
जानकारी के लिए बता दें कि, 28 जनवरी 2026 को साध्वी प्रेम बाईसा को जोधपुर के एक अस्पताल में गंभीर हालत में लाया गया। बताया जा रहा है कि उन्हें आश्रम से ब्रॉट डेड स्थिति में प्रेक्षा अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद उनका पार्थिव शरीर आरती नगर स्थित आश्रम ले जाया गया। मौत की असली वजह अभी सामने नहीं आई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
मौत के बाद इंस्टाग्राम पोस्ट से उठे सवाल
साध्वी की मौत के बाद उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से एक पोस्ट सामने आई, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए। पोस्ट में लिखा था— “जीते जी नहीं, जाने के बाद मिलेगा न्याय।” इसके अलावा एक लंबा संदेश भी साझा किया गया जिसमें उन्होंने सनातन धर्म के प्रचार, संतों के आशीर्वाद और अग्नि परीक्षा देने की बात कही।
सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स का दावा है कि यह पोस्ट उनकी मौत के कई घंटे बाद अपलोड हुई। ऐसे में अकाउंट हैक होने या किसी साजिश की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।
कौन थीं साध्वी प्रेम बाईसा
साध्वी प्रेम बाईसा पश्चिमी राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में कथा वाचन और भजन गायन के लिए जानी जाती थीं। बाड़मेर, जोधपुर और आसपास के क्षेत्रों में उनके कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोग जुटते थे। वे अपने प्रवचनों में नैतिकता, पारिवारिक मूल्यों और आध्यात्मिक जीवन पर जोर देती थीं। बता दें कि, वे महंत वीरमनाथ की शिष्या थीं और उनके साथ आश्रम में रहकर धार्मिक कार्य करती थीं। वीरमनाथ ही उनके पिता भी बताए जाते हैं। कम उम्र में ही साध्वी जीवन अपनाने के कारण उन्हें “बाल साध्वी” के रूप में भी जाना जाता था। भक्तों के बीच उनकी छवि एक समर्पित धार्मिक व्यक्तित्व की थी।
वायरल वीडियो से शुरू हुआ विवाद
जुलाई 2025 में सोशल मीडिया पर एक वीडियो क्लिप तेजी से वायरल हुई थी। इस वीडियो में साध्वी प्रेम बाईसा एक व्यक्ति से गले मिलती दिखाई दीं। कुछ लोगों ने इस वीडियो को गलत संदर्भ में शेयर किया, जिससे उनकी छवि पर सवाल उठे। वहीं, बाद में साध्वी ने सफाई दी कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति उनके पिता महंत वीरमनाथ ही थे। उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद पिता से मिलने पर भावुक होकर गले लगी थीं और कमरे में अन्य लोग भी मौजूद थे। उनके अनुसार वीडियो को एडिट कर गलत तरीके से पेश किया गया ताकि उनकी छवि खराब हो।
ब्लैकमेल का भी लगाया था आरोप
साध्वी प्रेम बाईसा ने इस मामले को साजिश बताया था। उन्होंने जोधपुर के बोरानाडा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ लोगों ने वीडियो वायरल न करने के बदले उनसे 20 लाख रुपये की मांग की थी। पैसे देने से इनकार करने पर वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिया गया।
साथ ही, उन्होंने देश के बड़े संतों और जगद्गुरु शंकराचार्य को पत्र लिखकर खुद को निर्दोष साबित करने और अग्नि परीक्षा देने की इच्छा भी जताई थी। उनका कहना था कि यह पिता-पुत्री के पवित्र रिश्ते को बदनाम करने की कोशिश है।
तनाव और अवसाद की भी चर्चा
साध्वी की मौत के बाद यह भी चर्चा है कि वायरल वीडियो और विवाद के कारण वे मानसिक तनाव में थीं। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। परिवार और श्रद्धालुओं ने मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
धार्मिक जगत में शोक
साध्वी प्रेम बाईसा की मौत से धार्मिक समुदाय में शोक है। उनके अनुयायी उन्हें सरल, धार्मिक और समाज सेवा में जुटी साध्वी बताते हैं। कई लोगों का कहना है कि वे हमेशा सनातन धर्म के प्रचार में लगी रहीं और उनका जीवन भक्ति को समर्पित था।
जांच जारी, सच्चाई का इंतजार
फिलहाल पुलिस इस मामले की गुत्थी सुलझाने में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डिजिटल जांच के बाद ही मौत के कारणों पर स्पष्टता आएगी। इंस्टाग्राम पोस्ट किसने डाली, यह भी जांच का विषय है। साध्वी प्रेम बाईसा की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या यह सामान्य मृत्यु है या इसके पीछे कोई दबाव, साजिश या मानसिक तनाव काम कर रहा था? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में जांच के बाद ही मिल पाएंगे। तब तक उनके अनुयायी और परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं।






