
भारतीय शेयर बाजार में आज उस वक्त हलचल मच गई जब Adani Group के शेयरों में एक साथ भारी गिरावट देखने को मिली. शुरुआती कारोबार से लेकर दिन के मध्य तक अडानी ग्रुप की कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में 10 से 12 प्रतिशत तक की तेज गिरावट दर्ज की गई.इस अचानक आई गिरावट से स्टॉकहोल्डर में घबराहट फैल गई और बाजार में नकारात्मक माहौल बन गया.
अडानी समूह के शेयरों में आई इस गिरावट को हाल के महीनों की सबसे बड़ी गिरावटों में से एक माना जा रहा है. खास बात यह रही है कि गिरावट केवल एक या दो कंपनियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि समूह की लगभग सभी लिस्टेड कंपनियों पर इसका असर देखने को मिला.
किन अडानी शेयरों में आई सबसे ज्यादा गिरावट?
शेयर बाजार में आई गिरावट के दौरान अडानी ग्रुप के कई दिग्गज शेयर बुरी तरह टूटते नजर आए. निवेशकों की नजर खासतौर पर इन शेयरों पर रही:
अडानी एंटरप्राइजेज
अडानी पोर्ट्स
अडानी ग्रीन एनर्जी
अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस
अडानी पावर
अडानी टोटल गैस
इनमें से कुछ शेयरों में इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान 12% तक की गिरावट देखी गई, जिससे स्टॉकहोल्डर का भारी नुकसान हुआ.
जानिए क्यों गिरे अडानी ग्रुप के शेयर ?
वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमजोरी का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा.अमेरिका और यूरोप के बाजारों में गिरावट, ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और वैश्विक मंदी की आशंका ने स्टॉकहोल्डर को सतर्क कर दिया.
निवेशकों की भारी बिक्री
अडानी ग्रुप के शेयरों में पिछले कुछ समय से उतार-चढ़ाव बना हुआ है.जैसे ही बाजार में नकारात्मक खबरें सामने आईं, कई निवेशकों ने मुनाफावसूली और जोखिम से बचने के लिए शेयर बेचने शुरू कर दिए, जिससे गिरावट और तेज हो गई.
नियामकीय और कॉरपोरेट चिंताएं
बाजार में यह चर्चा भी रही कि अडानी ग्रुप से जुड़ी कुछ नियामकीय और वित्तीय चिंताएं निवेशकों के भरोसे को प्रभावित कर रही हैं.हालांकि कंपनी की ओर से किसी बड़े नकारात्मक बयान की पुष्टि अभी तक नहीं हुई है, लेकिन अफवाहों का असर बाजार पर साफ दिख रहा है.
टेक्निकल फैक्टर
शेयर बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कई अडानी शेयर अपने अहम सपोर्ट लेवल तोड़ चुके थे, जिसके बाद ऑटोमेटिक सेलिंग ट्रिगर हो गई और गिरावट बढ़ती चली गई.
शेयर बाजार पर क्या पड़ा असर?
अडानी ग्रुप के शेयरों में आई भारी गिरावट का असर पूरे बाजार की सेंटिमेंट पर पड़ा, निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ,मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में दबाव बढ़ा,ट्रेडिंग के दौरान अस्थिरता बढ़ी।
हालांकि, बाजार के जानकारों का मानना है कि यह गिरावट पूरे बाजार की सेहत नहीं बल्कि सेक्टोरल और स्टॉक-स्पेसिफिक दबाव को दर्शाती है.
स्टॉकहोल्डर को कितना नुकसान?
जिन स्टॉकहोल्डर ने ऊंचे स्तर पर अडानी ग्रुप के शेयर खरीदे थे, उन्हें इस गिरावट से बड़ा झटका लगा है. एक ही दिन में मार्केट कैपिटलाइजेशन में हजारों करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई.खासकर रिटेल स्टॉकहोल्डर के लिए यह गिरावट बरी चिंता का विषय बन गया है.
आइए जानते एक्सपर्ट्स की राय ,आगे क्या करें स्टॉकहोल्डर?
शेयर बाजार विशेषज्ञों की राय इस मुद्दे पर कुछ बंटी हुई नजर आ रही है.
लॉन्ग-टर्म ट्रेडर्स के लिए:
घबराकर तुरंत बिकवाली न करें
कंपनी के फंडामेंटल्स और कर्ज की स्थिति पर नजर रखें
लंबी अवधि में सोच-समझकर फैसला लें
शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स के लिए:
स्टॉप-लॉस का सख्ती से पालन करें
बिना रणनीति ट्रेडिंग से बचें
क्या अडानी शेयरों में रिकवरी संभव है?
इतिहास गवाह है कि अडानी ग्रुप के शेयरों में पहले भी बड़ी गिरावट के बाद तेज रिकवरी देखने को मिली है. हालांकि, मौजूदा हालात में रिकवरी पूरी तरह बाजार की स्थिति, कंपनी के प्रदर्शन और स्टॉकहोल्डर के भरोसे पर निर्भर करेगी.
यदि आने वाले समय में सकारात्मक कॉरपोरेट अपडेट आते हैं, वैश्विक बाजार स्थिर होते हैं,और निवेशकों का भरोसा लौटता है.तो अडानी शेयरों में रिकवरी होने की संभावना है.






