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ISRO के PSLV-C62 ने रचा एक नया इतिहास, दुश्मन की हर चाल पर रखेगी ‘भारत’ की नजर
Current image: ISRO के PSLV-C62 ने रचा एक नया इतिहास

ISRO ने आज सुबह PSLV-C62 रॉकेट लॉन्च कर के भारत की अंतरिक्ष शक्ति को एक नई ऊंचाई देने का काम किया है। इसी के साथ 14 सैटेलाइट्स के साथ ‘अन्वेषा’ स्पाई सैटेलाइट की तैनाती की गई।

ISRO PSLV-C62 launch: भारत ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक और नया इतिहास रच दिया है। दरअसल, भारत ने एक बड़ी छलांग लगाते हुए अब दुश्मन देशों की चिंता को काफी अधिक बढ़ा दिया है। क्योंकि आज सोमवार के दिन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने सुबह 10:17 बजे सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा से PSLV-C62 रॉकेट को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है।
बता दें कि साल 2026 की भारत की पहली रॉकेट लॉन्चिंग है। इसकी के साथ देश अंतरिक्ष तकनीक के मामले में नई ऊंचाई पर पहुंचा गया है।


भारत दुनिया का दूसरा ऐसा देश

ISRO के इस विशेष मिशन के साथ भारत दुनिया का दूसरा ऐसा देश बन गया है, जिसने अंतरिक्ष में सैटेलाइट रीफ्यूलिंग तकनीक हासिल की है। बताया जा रहा है कि इससे पहले यह सफलता सिर्फ चीन ने हासिल की थी। फिर अमेरिका और यूरोप जैसे विकसित देशों का नाम आता था, लेकिन अब भारत भी इस लिस्ट में शामिल हो गया है। जानकारी के लिए बता दें कि PSLV-C62 की यह 64वीं उड़ान थी।

14 सैटेलाइट एक साथ हुए लॉन्च


PSLV-C62 मिशन के तहत न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) के माध्यम से कुल 14 सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में लॉन्च किए गए। बताया जा रहा है कि ये सभी सैटेलाइट्स सन-सिंक्रोनस ऑर्बिट (SSO) में मौजूद है। यह भी बताया जा रहा है कि ISRO के इस मिशन का सबसे अहम उपग्रह अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट EOS-N1 ‘अन्वेषा’ है, जिसे लगभग 600 किलोमीटर ऊंचाई पर पोलर सन-सिंक्रोनस ऑर्बिट में स्थापित किया है। इस मिशन के तहत एक KID कैप्सूल को री-एंट्री ट्रैजेक्टरी में भेजा गया।

लॉन्च से पहले तिरुपति में की गई पूजा

जैसा कि आप सब लोग जानते हैं कि भारत धार्मिक परंपरा को अपने काम से पहले करते हैं। इसी क्रम में ISRO ने भी इस मिशन के लॉन्च से पहले तिरुपति मंदिर में पूजा-अर्चना की।
खबरों के मुताबिक, इस मिशन में बेंगलुरु की स्टार्टअप कंपनी ऑर्बिटएड द्वारा विकसित 25 किलोग्राम वजनी आयुलसैट को भी शामिल किया गया है। वही, सैटेलाइट लॉन्च के चार घंटे के अंदर अंतरिक्ष में पहली बार इंटरनल रीफ्यूलिंग करेगा और भविष्य में अलग-अलग स्पेसक्राफ्ट के बीच ईंधन ट्रांसफर पर काम करना शुरू कर देगा।

जानें क्यों खास है ‘अन्वेषा’ सैटेलाइट?

बता दें कि अन्वेषा एक अत्याधुनिक जासूसी सैटेलाइट मानी जा रही है, जो भारत की सुरक्षा व्यवस्था को काफी अधिक मजबूत बनाने में अपना अहम योगदान देगी। यह हाइपरस्पेक्ट्रल रिमोट सेंसिंग तकनीक से लैस है, जो आसानी के साथ दुश्मन के ठिकानों की साफ और सटीक तस्वीरें ले लेगा।

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