संचिता प्रधान डे के इस फैसले के बाद नंदीग्राम के चुनावी समीकरण पर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, उन्होंने फैसले की आधिकारिक वजह अभी नहीं बताई है।
नामांकन वापस लेने से पहले संचिता प्रधान डे ने राज्य सचिवालय नबन्ना पहुंचकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुलाकात के दौरान संचिता ने शुभेंदु अधिकारी से आशीर्वाद भी लिया था। उस समय इसे शिष्टाचार भेंट बताया गया था।
पश्चिम बंगाल में TMC के दो गुटों के बीच पार्टी के नाम और ‘जोड़ाफूल’ चुनाव चिह्न को लेकर विवाद भी चल रहा है। चुनाव आयोग ने दोनों गुटों से अलग नाम और सिंबल के विकल्प मांगे हैं।
बीजेपी ने हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस से मिलन प्रधान और वाम मोर्चे से शांतिगोपाल गिरि मैदान में हैं। ऋतब्रत बनर्जी गुट ने मोहम्मद एतेशामुल हक को उम्मीदवार बनाया है।
नंदीग्राम सीट शुभेंदु अधिकारी के सीट छोड़ने के बाद खाली हुई। 2026 में उन्होंने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी, बाद में नंदीग्राम सीट छोड़ दी।
नंदीग्राम उपचुनाव के लिए 6 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा और 9 अक्टूबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे। अब सभी की नजरें आगे की चुनावी रणनीति पर हैं।