दिल्ली घोषणा पत्र में आतंकवाद और टेरर फंडिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई पर सहमति बनी। पहलगाम आतंकी हमले का भी जिक्र हुआ।
BRICS देशों ने एकतरफा सैन्य कार्रवाई और संघर्षों को बातचीत के जरिए सुलझाने की जरूरत बताई।
2026 से 2030 तक ग्लोबल वैल्यू चेन में सहयोग बढ़ाने और बाजारों को एक-दूसरे के लिए खोलने पर सहमति बनी।
घोषणा पत्र में अंतरराष्ट्रीय व्यापार में एकतरफा और अत्यधिक टैरिफ लगाने को लेकर चिंता जताई गई।
पर्यावरण और जलवायु जैसी चुनौतियों पर नजर रखने के लिए BRICS रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन सहयोग समझौते को मंजूरी मिली।
BRICS देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार और ग्लोबल साउथ की भागीदारी बढ़ाने की मांग दोहराई।
सम्मेलन में आतंकवाद, व्यापार, तकनीक, डेटा, स्किल और वैश्विक संस्थाओं में सुधार जैसे मुद्दों पर भारत ने अपनी प्राथमिकताओं को मजबूती से रखा।