गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका के संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। व्यापार, टेक्नोलॉजी, फार्मा, स्पेस और डिफेंस समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा है।
दिल्ली में हुई क्वाड बैठक को गोर ने बेहद महत्वपूर्ण बताया। भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया AI, डेटा सेंटर, आपदा राहत और रक्षा सहयोग जैसे मुद्दों पर साथ काम कर रहे हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो अक्टूबर में भारत आएंगे। गोर ने कहा कि आने वाले समय में कई अमेरिकी कैबिनेट अधिकारी और गवर्नर भी भारत का दौरा कर सकते हैं।
गोर ने भारत की आर्थिक प्रगति का जिक्र करते हुए पीएम मोदी को स्थिरता का श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि भारत की स्थिरता अमेरिका के लिए भी अच्छी है।
भारत और अमेरिका के बीच मौजूदा द्विपक्षीय व्यापार करीब 240 अरब डॉलर है। दोनों देशों ने इसे आने वाले वर्षों में 500 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा है।
गोर ने कहा कि भारत-अमेरिका रक्षा संबंध सिर्फ हथियारों की खरीद तक सीमित नहीं हैं। दोनों देशों के बीच सैन्य अभ्यास और रक्षा सहयोग लगातार बढ़ रहा है।
गोर ने बताया कि ट्रंप भारत यात्रा की अच्छी यादें रखते हैं और भारत आने के लिए उत्साहित हैं। उन्होंने संकेत दिया कि राष्ट्रपति की भारत यात्रा अगले साल हो सकती है।