
दिल्ली-एनसीआर में AQI पहुंचा 377
नई दिल्ली: दिल्ली एनसीआर में कोहरा और वायु प्रदूषण का प्रकोप लगातार बना हुआ है। ठंड के मौसम में कम हवा और बढ़ते प्रदुषण के कारण राजधानी की हवा एक बार फिर से बेहद खराब स्थिति में पहुंच गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार अक्षरधाम इलाके में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 377 पर पहुँच गया है , जो बेहद खराब श्रेणी में आता है।
कोहरा और वायु प्रदूषण का प्रकोप
सुबह के समय कई इलाकों में घने कोहरे छाए रहे, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़कों पर वाहन चालकों को लाइट जलाकर चलना पड़ा और कई जगह ट्रैफिक की रफ्तार धीमी रही। कोहरे के साथ-साथ प्रदूषण के प्रकोप ने लोगों की सेहत पर भी असर डाला है। डॉक्टरों के अनुसार आंखों में जलन, गले में खराश, खांसी और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं, खासकर बुजुर्गों, बच्चों और दमा के मरीजों में।
पर्यावरण विशेषज्ञों ने लोगो से की अपील
पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार सर्दियों में तापमान गिरने से इनवर्ज़न लेयर बन जाती है, जिससे प्रदूषण कण हवा में ही फंसे रहते हैं। इसके अलावा वाहनों का धुआं, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल और आसपास के राज्यों में कचरे जलाने का असर भी दिल्ली एनसीआर की हवा को बिगाड़ रहा है। हवा की गति कम होने के कारण प्रदूषण का फैलाव नहीं हो पाता, जिससे एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) लंबे समय तक ऊंचा बना रहता है।
कोहरे और खराब AQI के बीच प्रशासन ने जारी की सावधानी की अपील
प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने, मास्क पहनने, बच्चों को खुले में खेलने से रोकने और अनावश्यक यात्रा कम करने की अपील की है। साथ ही, निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण, सड़कों की मैकेनिकल सफाई और पानी के छिड़काव जैसे कदम तेज किए गए हैं। ट्रैफिक पुलिस ने भी कम दृश्यता को देखते हुए वाहन चालकों से सतर्क रहने को कहा है।
मौसम विभाग के विशेषज्ञों की सलाह
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले कुछ दिनों में हवा की रफ्तार बढ़ने पर कोहरे और प्रदूषण से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन तब तक लोगों को सावधानी बरतनी होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि,स्थायी समाधान के लिए सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा, प्राकृतिक गैस जैसे (CNG) का उपयोग विस्तार जरूरी है। 22 जनवरी 2026 की यह स्थिति एक बार फिर बताती है कि दिल्ली एनसीआर में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए सामूहिक और स्थायी प्रयास अनिवार्य हैं।






